साल 2026 में Adani Power का शेयर बाजार में शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिला है, जिसने कंपनी को पावर सेक्टर की सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनी बना दिया है। इस साल करीब 50% की जबरदस्त तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप ₹4.24 लाख करोड़ के लेवल तक पहुंच गया है, जो NTPC के ₹3.9 लाख करोड़ मार्केट कैप से भी आगे निकल गया है। दिलचस्प बात यह है कि Adani Power अब पूरे Adani Group की भी सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी बन चुकी है। मजबूत अर्निंग्स, बिजली की बढ़ती डिमांड, हाई प्लांट लोड फैक्टर और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की बढ़ती होल्डिंग ने इस स्टॉक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
Adani Power वैल्यूएशन
Adani Power की मौजूदा वैल्यूएशन अब कई बड़ी पावर कंपनियों के कंबाइंड मार्केट कैप से भी ज्यादा हो गई है। कंपनी अकेले Tata Power, JSW Energy, Torrent Power और CESC की कुल वैल्यूएशन से भी आगे निकल चुकी है। हालांकि NTPC के पास 80 GW से ज्यादा पावर कैपेसिटी है जो Adani Power की 18.2 GW कैपेसिटी से करीब चार गुना ज्यादा है, फिर भी मार्केट Adani Power को ज्यादा वैल्यू दे रहा है। इसकी मुख्य वजह कंपनी की फास्ट ग्रोथ और हाई प्रॉफिट मार्जिन की उम्मीद है, जो निवेशकों को काफी आकर्षित कर रही है।
Adani Power पर ब्रोकरेज
ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने Adani Power पर अपना टारगेट प्राइस ₹185 से बढ़ाकर ₹255 कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगले तीन से चार सालों में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ने वाली है और नए Power Purchase Agreements यानी PPA करीब ₹6 प्रति यूनिट के रेट पर साइन हुए हैं, जो पहले ₹5.5 से कम थे। इससे कंपनी की अर्निंग में बड़ा सुधार आने की संभावना है। रिकॉर्ड गर्मी, AI और Data Centres का बढ़ता इस्तेमाल, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे फैक्टर्स से बिजली की जरूरत तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा Thermal Power कंपनियों को मिल रहा है।
Adani Power के शानदार रिटर्न्स
पिछले एक महीने में स्टॉक में 30.04% की तेजी आई है, जबकि तीन महीने में 49.52% और छह महीने में 47.53% की ग्रोथ देखी गई है। एक साल में स्टॉक 105.11% चढ़ा है और पांच साल में तो 1,040.89% यानी दस गुना से भी ज्यादा रिटर्न दे चुका है। हालांकि कोयले की सप्लाई में दिक्कत, बिजली दरों में बदलाव, कर्ज का प्रेशर और Renewable Energy से बढ़ती कॉम्पिटिशन भविष्य में चुनौती बन सकती है, फिर भी फिलहाल मार्केट में Adani Power को लेकर निवेशकों का उत्साह काफी मजबूत बना हुआ है।
कंपनी का Plant Load Factor यानी PLF करीब 75 से 85% के बीच बताया जा रहा है, जो काफी इंप्रेसिव है। हाई PLF का मतलब है कि कंपनी अपनी कैपेसिटी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रही है, जिससे प्रॉफिट में तेजी आ रही है। पिछली छह तिमाहियों में Mutual Funds और बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। Mutual Fund होल्डिंग दिसंबर 2024 के 1.6% से बढ़कर मार्च 2026 में 3.62% तक पहुंच गई है, जो बताता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा कंपनी पर लगातार मजबूत हो रहा है।
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