BSE Q4 Results : देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज BSE लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं और यह नतीजे हर मोर्चे पर बेहद मजबूत रहे हैं। मुनाफे में जबरदस्त उछाल, सालाना कमाई में बड़ी बढ़त और निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान — इन सब मिलाकर BSE ने FY26 का अंत बेहद शानदार तरीके से किया है।
BSE Q4 Results
जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में BSE का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 61% उछलकर ₹797.33 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यही आंकड़ा ₹494.42 करोड़ था। तिमाही आधार पर भी यह बढ़त प्रभावशाली रही क्योंकि दिसंबर तिमाही के ₹601.81 करोड़ के मुनाफे की तुलना में यह 32.4% ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹5,148 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 48% दर्ज किया गया, जो कंपनी की मजबूत कमाई क्षमता को दर्शाता है।
निवेशकों को डिविडेंड
BSE के बोर्ड ने ₹2 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹10 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है, जो आगामी AGM में शेयरधारकों की स्वीकृति के बाद लागू होगा। डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई तय की गई है और भुगतान 17 सितंबर तक या उससे पहले किया जाएगा। पिछले सालों के ट्रेंड पर नजर डालें तो 2024 में ₹15, 2023 में ₹12 और पिछले वित्त वर्ष में ₹23 प्रति शेयर डिविडेंड दिया गया था, साथ ही 2:1 रेश्यो से बोनस शेयर का ऐलान भी हुआ था।
BSE Share Price
नतीजों के दिन BSE का शेयर NSE पर ₹3,887 पर खुला और इंट्राडे में उछलकर ₹3,985 तक पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर है। शेयर की क्लोजिंग ₹3,963.60 पर हुई जबकि 52 हफ्ते का निचला स्तर ₹2,021.50 रहा है, यानी निचले स्तर से शेयर लगभग दोगुना हो चुका है।
लंबी अवधि में रिटर्न
BSE के शेयर ने छोटी और लंबी दोनों अवधि में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एक हफ्ते में करीब 10%, एक महीने में 35% और एक साल में करीब 80% का रिटर्न मिला है। लेकिन सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि तीन साल में निवेशकों को 2,241% से ज्यादा और पांच साल में 5,000% से भी अधिक का रिटर्न मिला है, जो BSE को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक असाधारण शेयर साबित करता है।
वित्त वर्ष 2026 में BSE के रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 24.8 करोड़ रही और इक्विटी कैश सेगमेंट का औसत दैनिक टर्नओवर यानी ADTO ₹7,950 करोड़ रहा। इससे भी बड़ी बात यह है कि BSE ने पूरे वित्त वर्ष में कंपनियों को फंड जुटाने में अहम भूमिका निभाई और बाजार के जरिए ₹26.9 लाख करोड़ रुपये जुटाने में मदद की, जो पूंजी बाजार में BSE की गहरी पकड़ को साबित करता है।
Disclaimer: इस वेबसाइट पर दी गयी हर एक जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह के रूप नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी निवेश सम्बंधित निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर करें.

