CDSL vs NSDL : तिमाही नतीजों में किसने किया ताबड़तोड़ प्रदर्शन? ROE से लेकर Dividend तक पूरा Comparison

CDSL vs NSDL तिमाही नतीजों में किसने किया ताबड़तोड़ प्रदर्शन ROE से लेकर Dividend तक पूरा Comparison

CDSL vs NSDL : भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के डीमैट खाते और सिक्योरिटीज को संभालने का काम दो बड़ी डिपॉजिटरी करती हैं — CDSL और NSDL। हर तिमाही इन दोनों के नतीजे बाजार में खासी चर्चा का विषय बनते हैं क्योंकि ये आंकड़े सिर्फ कंपनियों की नहीं, बल्कि पूरे पूंजी बाजार की सेहत को दर्शाते हैं। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में दोनों के बीच मुकाबला दिलचस्प रहा, और नतीजे बताते हैं कि दोनों की राह अलग-अलग रही।

CDSL के Q4 Results

1999 में स्थापित CDSL आज देश की अग्रणी डिपॉजिटरी है जिसका मार्केट कैप ₹25,970.34 करोड़ है। Q4 FY2026 में कंपनी की आय सालाना आधार पर 17.4% बढ़कर ₹263 करोड़ हो गई, जो Q4 FY25 में ₹224 करोड़ थी, लेकिन तिमाही आधार पर यह Q3 FY26 के ₹304 करोड़ से 13.4% घट गई। मुनाफे की बात करें तो यह सालाना 20.2% गिरकर ₹79.8 करोड़ रह गया और तिमाही आधार पर तो 40% की बड़ी गिरावट आई। EPS ₹4.80 से घटकर ₹3.84 रहा और बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू पर ₹12.75 यानी 127.5% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।

NSDL के Q4 Results

1996 में स्थापित NSDL देश की पहली डिपॉजिटरी है जिसका मार्केट कैप ₹17,274 करोड़ है। इस तिमाही में NSDL की आय सालाना 25.8% और तिमाही 27.2% बढ़कर ₹458 करोड़ पर पहुंच गई, जो Q4 FY25 में ₹364 करोड़ और Q3 FY26 में ₹360 करोड़ थी। मुनाफा भी सालाना 8.4% बढ़कर ₹90.3 करोड़ हो गया जबकि CDSL का मुनाफा गिरा। EPS ₹4.16 से बढ़कर ₹4.51 हुआ और बोर्ड ने ₹2 फेस वैल्यू पर ₹4 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की।

वित्तीय प्रदर्शन

CDSL वित्तीय मजबूती के मामले में बेहद आकर्षक कंपनी है — इसका ROCE 32% और ROE 24.5% है, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00 यानी पूरी तरह कर्जमुक्त कंपनी। पिछले 3 साल का औसत ROE 29.2% और 10 साल की मेडियन सेल्स ग्रोथ 23.7% है, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे खास बनाता है। NSDL का ROCE 23.2% और ROE 17.4% है, डेट-टू-इक्विटी 0.01 के साथ यह भी लगभग पूरी तरह इक्विटी-वित्तपोषित है और स्थिर वित्तीय ढांचे के साथ काम कर रही है।

CDSL vs NSDL

बाजार हिस्सेदारी की बात करें तो NSDL का दबदबा साफ नजर आता है। कुल डीमैट कस्टडी वैल्यू में इसकी 86.1% हिस्सेदारी है, FPI सेगमेंट में 99.9% और लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज में 97.7% है। इसके 4.44 करोड़ से अधिक बेनिफिशियरी ओनर अकाउंट हैं और 11,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड इशूअर्स के साथ यह FY26 में कुल आय बाजार हिस्सेदारी में 41.3% रखता है। CDSL ने हालांकि 18 करोड़ से अधिक डीमैट खातों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया है, जो खुदरा निवेशकों के बीच उसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है।

Q4 FY26 के नतीजों को देखें तो NSDL ने आय और मुनाफा दोनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन किया। जहाँ CDSL की आय तिमाही आधार पर 13.4% गिरी और मुनाफा 40% तक टूटा, वहीं NSDL ने दोनों मोर्चों पर बढ़त दर्ज की। हालांकि लंबी अवधि में CDSL की उच्च ROE, शून्य कर्ज और खुदरा निवेशकों के बीच व्यापक उपस्थिति उसे एक मजबूत निवेश विकल्प बनाए रखती है, लेकिन इस तिमाही के लिए परिचालन और वित्तीय वृद्धि के आधार पर NSDL का प्रदर्शन बेहतर रहा।

Disclaimer: इस वेबसाइट पर दी गयी हर एक जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह के रूप नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी निवेश सम्बंधित निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर करें.

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