Tata Tech-Waaree समेत इन 3 स्टॉक्स पर FII-DII कर रहे धड़ाधड़ निवेश शेयरों पर रखें नज़र

Tata Tech-Waaree समेत इन 3 स्टॉक्स पर FII-DII कर रहे धड़ाधड़ निवेश शेयरों पर रखें नज़र

शेयर मार्केट में जब FII और DII दोनों तरह के संस्थागत निवेशक एक साथ किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो यह उस कंपनी के फंडामेंटल्स और फ्यूचर ग्रोथ के लिए काफी पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है। Q4 FY26 में तीन ऐसी कंपनियां रहीं जिनमें FII और DII दोनों ने एक साथ अपनी स्टेक बढ़ाई है। इन कंपनियों में Tata Technologies, Waaree Energies और Zen Technologies शामिल हैं, जो अपने-अपने सेक्टर में मजबूत पोजीशन रखती हैं और बड़े निवेशकों के लिए अट्रैक्टिव बनी हुई हैं।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इस इंजीनियरिंग और डिजिटल सर्विस कंपनी को ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल मशीनरी सेक्टर में मजबूत प्रेजेंस हासिल है। Tata Technologies डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और आईटी कंसल्टिंग में एक्सपर्टाइज रखती है। Q4 FY26 के दौरान इस कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 5.51% से बढ़कर मार्च 2026 में 5.77% तक पहुंच गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों का स्टेक 2.92% से बढ़कर 3.44% हो गया। यह संकेत देता है कि बड़े प्लेयर्स को कंपनी के बिजनेस मॉडल और लॉन्ग टर्म पोटेंशियल पर काफी विश्वास है।

Waaree Energies

भारत की अग्रणी सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Waaree Energies रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की एक मजबूत प्लेयर मानी जाती है। सोलर मॉड्यूल प्रोडक्शन के अलावा यह कंपनी EPC सर्विसेज भी देती है और देश में ग्रीन पावर की बढ़ती डिमांड से इसे खासा फायदा मिल रहा है। Q4 FY26 में इस कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 6.91% से बढ़कर 7.06% हो गई, लेकिन खास बात यह रही कि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2.86% से बढ़ाकर अपना स्टेक 4.32% तक पहुंचा दिया। DII की इतनी मजबूत खरीदारी साफ बताती है कि भारतीय निवेशक रिन्यूएबल एनर्जी थीम को लेकर काफी ऑप्टिमिस्टिक बने हुए हैं।

Zen Technologies

Zen Technologies डिफेंस ट्रेनिंग और सिमुलेशन सिस्टम तैयार करने वाली कंपनी है, जो भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कॉम्बैट ट्रेनिंग सिमुलेटर, एंटी-ड्रोन सिस्टम और कई अन्य हाई-टेक सॉल्यूशंस बनाती है। आत्मनिर्भर भारत मिशन और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार के बढ़ते फोकस का सीधा लाभ इस कंपनी को मिल रहा है। Q4 FY26 में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 5.54% से बढ़ाकर 5.99% कर दी, जबकि घरेलू निवेशकों का स्टेक 7.86% से बढ़कर 10.06% तक पहुंच गया। DII की स्टेक में 2.2% की जबरदस्त बढ़ोतरी बताती है कि डिफेंस सेक्टर को लेकर मार्केट का नजरिया बेहद पॉजिटिव बना हुआ है।

जब FII और DII दोनों एक साथ किसी कंपनी में निवेश बढ़ाते हैं, तो यह दर्शाता है कि कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स मजबूत हैं और उसकी फ्यूचर ग्रोथ की संभावनाएं काफी अच्छी हैं। ये तीनों कंपनियां अलग-अलग सेक्टर्स में काम करती हैं, लेकिन एक बात कॉमन है कि इन सभी को अपने-अपने फील्ड में स्ट्रक्चरल ग्रोथ के मौके मिल रहे हैं। निवेशकों के लिए यह एक इंपॉर्टेंट इंडिकेटर हो सकता है कि ये कंपनियां आने वाले समय में अच्छा परफॉर्मेंस दे सकती हैं।

Disclaimer: इस वेबसाइट पर दी गयी हर एक जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह के रूप नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी निवेश सम्बंधित निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर करें.

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