अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की पांच बड़ी कंपनियों पर अपनी ताजा रिसर्च रिपोर्ट पेश की, जिसमें FMCG, फार्मा और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर को शामिल किया गया। रिपोर्ट में कुछ कंपनियों पर तेजी का भरोसा जताया गया है तो कुछ पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जिससे निवेशकों की नजर अब इन शेयरों की आगामी चाल पर टिकी है।
Aptus और Mankind
इस पूरी रिपोर्ट में Morgan Stanley सबसे ज्यादा बुलिश Aptus Value Housing Finance और Mankind Pharma पर नजर आया। Aptus पर “Overweight” रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹375 से बढ़ाकर ₹385 कर दिया गया। कंपनी का Q4 NII अनुमान से करीब 4% बेहतर रहा और AUM ग्रोथ आउटलुक को बढ़ाकर करीब 20% CAGR कर दिया गया है। FY27 में 22-24% लोन ग्रोथ का अनुमान है, NIM 11.3% रहने की उम्मीद है और कंपनी लगातार 20% ROE दे रही है। अनिश्चित आर्थिक माहौल में कंपनी की पूरी तरह सिक्योर्ड लोन बुक को बड़ी ताकत बताया गया।
Mankind Pharma पर भी “Overweight” रेटिंग बनाए रखते हुए ₹2,500 का टारगेट दिया गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का execution लगातार बेहतर हो रहा है और BSV बिजनेस में रिकवरी शुरू हो चुकी है। पहले जो दिक्कतें थीं वे अस्थायी थीं और अब synergy benefits का फायदा मिलना शुरू होगा। साथ ही कंपनी तेजी से कर्ज भी कम कर रही है। Morgan Stanley का कहना है कि घरेलू फार्मा सेक्टर में Mankind Pharma बेहतर risk-reward और आकर्षक valuation के साथ एक मजबूत विकल्प बनकर उभरी है।
Lupin और Britannia
Lupin और Britannia दोनों पर “Equal-weight” रेटिंग बरकरार रखी गई है। Lupin का टारगेट ₹2,386 रखा गया और कहा गया कि Q4 में रेवेन्यू, EBITDA और PAT तीनों अनुमान से बेहतर रहे, जिसमें अमेरिका कारोबार की बड़ी भूमिका रही। भारत में बिक्री 11.5% और Emerging Markets में 49% की जोरदार ग्रोथ देखी गई। Britannia का टारगेट ₹6,019 रखा गया, जहां Q4 रेवेन्यू ग्रोथ 7% रही जो अनुमान से थोड़ी कम थी। EBITDA मार्जिन 18.2% रहा, जो सालाना आधार पर 20 बेसिस पॉइंट घटा, हालांकि मार्च में West Asia संघर्ष के कारण इंटरनेशनल सप्लाई पर असर पड़ा।
Dabur
Dabur के मामले में Morgan Stanley ने “Underweight” रेटिंग बनाए रखी और ₹412 का टारगेट दिया। FY27 में भारत की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रहने की उम्मीद है और कंपनी ने करीब 10% महंगाई के अनुमान के बीच लगभग 4% कीमतें बढ़ाई भी हैं। ग्रामीण मांग शहरी बाजार से बेहतर बनी हुई है और रिजल्ट के बाद शेयर में पॉजिटिव रिएक्शन भी देखा गया, लेकिन ब्रोकरेज कंपनी के कमजोर पोर्टफोलियो को लेकर अभी भी सावधान है।
Morgan Stanley की इस रिपोर्ट से यह साफ होता है कि ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता दे रहा है जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है, ग्रोथ स्थिर है और valuation आकर्षक है। विदेशी ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्टें अक्सर बाजार की धारणा और शेयरों की चाल पर गहरा असर डालती हैं, इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में इन पांचों कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।
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