5 साल में ₹10 से ₹337 तक जाने वाले Defence Stock को दनादन मिले 3 ऑर्डर रॉकेट बना भाव

5 साल में ₹10 से ₹337 तक जाने वाले Defence Stock को दनादन मिले 3 ऑर्डर रॉकेट बना भाव

Defence Stock : डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में काम करने वाली कंपनी Apollo Micro Systems के शेयर शुक्रवार को जबरदस्त तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। BSE पर इंट्राडे कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 7% उछलकर ₹337.40 पर पहुंच गए। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह एक ही दिन में तीन बड़े ऑर्डर मिलना रहा, जो रक्षा मंत्रालय, एक सरकारी डिफेंस कंपनी और कुछ प्राइवेट कंपनियों से मिले।

एक दिन में ₹510M से ज्यादा के ऑर्डर

Apollo Micro Systems ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि रक्षा मंत्रालय ने कंपनी को ₹174.78 मिलियन का ऑर्डर दिया है, जबकि एक सरकारी डिफेंस कंपनी की तरफ से ₹95.28 मिलियन का ऑर्डर मिला है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों से ₹240.18 मिलियन का ऑर्डर भी हासिल हुआ है। इस तरह कुल मिलाकर कंपनी को एक ही दिन में ₹510.25 मिलियन यानी करीब ₹51 करोड़ से अधिक के ऑर्डर मिले, जो बाजार में इस तेजी की असली वजह बने।

5 साल में 3000% से ज्यादा रिटर्न

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर सोने की खान साबित हुआ है। 7 मई 2021 को यह शेयर महज ₹10.51 पर था, और 8 मई 2026 को यह ₹337.40 पर बंद हुआ, यानी 5 साल में 3000% से भी अधिक की बढ़त। पिछले 3 साल में 860% और 2 साल में 225% का रिटर्न देने वाले इस शेयर ने पिछले एक साल में भी 180% से ज्यादा की तेजी दिखाई है। पिछले 6 महीने में भी स्टॉक 25% से अधिक चढ़ा है। कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹354.65 और निम्नतम स्तर ₹114 रहा है।

स्टॉक स्प्लिट और शेयरहोल्डिंग

कंपनी मई 2023 में अपने शेयर का बंटवारा कर चुकी है, जब ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को ₹1-₹1 फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बदला गया था। नवंबर 2025 तक के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 52.41% है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 47.59% है, जो दर्शाता है कि आम निवेशकों की भी कंपनी में अच्छी-खासी भागीदारी है।

Apollo Micro Systems जैसी कंपनियों की ग्रोथ दरअसल भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ नीति का नतीजा है, जिसके तहत देश में ही डिफेंस उपकरण बनाने और खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय और सरकारी कंपनियों से सीधे ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि कंपनी सरकारी सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है और आने वाले वर्षों में और बड़े ऑर्डर की उम्मीद बनी रहती है।

Disclaimer: इस वेबसाइट पर दी गयी हर एक जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह के रूप नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी निवेश सम्बंधित निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर करें.

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